tag:blogger.com,1999:blog-13549411.post5000109870424371769..comments2008-03-11T04:32:50.589+05:30Comments on दायरा: हम किधर जा रहें?सुदामा सिहंnoreply@blogger.comBlogger3125tag:blogger.com,1999:blog-13549411.post-88590477104092065822008-03-11T04:32:00.000+05:302008-03-11T04:32:00.000+05:30बहुत अच्छा। आपके परिचय के लिए कहां जाएं ?बहुत अच्छा। आपके परिचय के लिए कहां जाएं ?अजित वडनेरकरhttp://www.blogger.com/profile/11364804684091635102noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-13549411.post-81981494834657091752008-03-11T01:43:00.000+05:302008-03-11T01:43:00.000+05:30जो हुआ, अच्छा हुआ। जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है। ...जो हुआ, अच्छा हुआ। जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है। जो होगा, अच्छा ही होगा। समय और समाज का प्रवाह है। सौंदर्य के प्रतिमान बदलते हैं, बोलचाल बदलती है, लहजा बदलता है। आपने जो लिखा है, वह सच तो है, लेकिन पूरा सच नहीं है। आईआईएम और आईआईटी के लड़के अब लाखों की नौकरियों को लात मारकर समाज की सेवा करने के लिए कमर कसने लगे हैं। संस्कृति को भी उन्नत करने का काम कर रही है नई पीढ़ी।अनिल रघुराजhttp://www.blogger.com/profile/07237219200717715047noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-13549411.post-22038795824183924112008-03-10T23:01:00.000+05:302008-03-10T23:01:00.000+05:30सुन्दर! गहरे मेक अप में तिल और मस्से हो गये है जो ...सुन्दर! गहरे मेक अप में तिल और मस्से हो गये है जो कभी सौन्दर्य की निशानी माने जाते थे। अच्छा लगा! लिखते रहें, दुनिया का जुगराफ़िया बताते रहें।अनूप शुक्लhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.com